सरस जी (प्रेम घनाक्षरी)

आप स्नेही जनों को श्रीकृष्ण जन्मदिवस एवं स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ🌹🙏🏻🌹

शीर्षक-     प्रेम-रस
🌹🙏🏻🌹🙏🏻🌹🙏🏻🌹

फूल मुरझाये-मन, देख-देख पतझार|
आज आवैगें तौ कली, मनकी खिलावैंगे||

लागो दिल-सदन जौ, तपन-वदन-तन|
प्रेम की फुहार दिन, रात बरसावैंगे||

तन प्यासे मन प्यासो,प्यासे अंग-अंगन की|
एक साथ मिल प्यासी, प्यास कौ बुझावैंगे||

कान्हा बन आये हम, राधिकाजी बनौ तुम|
वृंदावनवासी वाले, रास कौ रचावैंगे|| 

✍🏻✍🏻✍🏻✍🏻✍🏻✍🏻
दिलीप कुमार पाठक "सरस"

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