दिव्य कुम्भ भव्य कुम्भ 2019 (तंत्री छंद/साहिल)
◆तंत्री छंद◆ विधान~ प्रति चरण 32 मात्राएँ,8,8,6,10मात्राओं पर यति चरणान्त 22 , चार चरण, दो-दो चरण समतुकांत। निर्मल शीतल, तन - मन भावै, माँ गंगे, सब पाप मिटाए| गंगा यमुना, पावन संगम, जन्म जन्म...
जितना भी चाहता हूं, सब मिल ही जाता है, अब दुख किस बात का ॽ