वन्दना

◆दोधक/बन्धु/मधु छंद◆

विधान~
[भगण भगण भगण+गुरु गुरु]
( 211 211 211  22
11वर्ण,,4 चरण
दो-दो चरण समतुकांत]

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मंथन हो जन मंगलकारी।
बंधन हो शिव वंदनकारी।।
चंदन भावन हो शुभकारी।
राहुल जीवन हो भवहारी।।

डाॅ• राहुल शुक्ल साहिल

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