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प्रकृति संरक्षण (डॉ• राहुल शुक्ल साहिल)

              " प्रकृति संरक्षण" दिन के बाद रात आती है और रात का अंधेरा दिन के स्वर्णिम उजाले की उम्मीद लाता है | धरती का धीरज अम्बर के विस्तार का मुकाबला करता है | सर्वशक्तिमान ...

राम जगत का सार (अमृत ध्वनि छन्द) डॉ• राहुल शुक्ल साहिल

🎍🎍🎍🎍🎍🎍🎍🎍🎍🎍🎍            अमृत-ध्वनि छंद                       विधान अमृत-ध्वनि कुण्डलिया की तरह ही दोहे से प्रारंभ होता है और दोहे का चतुर्थ चरण इसका पंचम चरण बनता है पर...

जय – जय कार

🙏 _जय- जय कार हो_ 🙏 विजय  सदा  हर  बार  हो, सपने   सब   साकार  हो| सुखद  मधुर  विचार  हो, जीवन   में  आधार   हो| प्रति-पल मन में झंकार हो, सबकी  जय-जय कार हो| बस  एक  ही  पुकार  हो, तेरी...

आशा

आशा (HOPE ) पूरी होगी आपकी आशा, छँटेगी दिल की निराशा, मन में होगा जब अटूट, विश्वास श्रृद्धा और श्रम, चहुँ ओर फैलेगा उजाला, प्रकृति ही लाएगी जीवन माला, हरी भरी किसलय कलियों से, भर जाए...

कामना छन्द

           कामना छंद विधान~ नगण तगण रगण 111  221  212 यति 6, 3 वर्णों पर, प्रति चरण 9 वर्ण, मधुर  है   गान,  बाँसुरी| विकल है शक्ति,आसुरी|| सुखद है  कृष्ण,  दर्शना| विनय  से  नित्य, अर्चना|| सकल   ...

संकल्प विषय पर साहिल के दोहे

🌺🙏    संकल्प  🙏💐                दोहे संकल्पों  के  दीप  से, जगमग   होगा  देश| सेवा  अरु  सत्कार  का, फैले  चहुँ  सन्देश|| शब्द  साधना लेखनी, सिर  पर माँ  का  हाथ| संकल्पों  की  ...

पतंग (बाल कविता) डॉ• राहुल शुक्ल साहिल द्वारा रचित

🔸🔹   पतंग  🔸🔹       बाल कविता बन  पतंग  मैं उड़ जाता, जीवन  में खुशियाँ पाता, डोर पतंग की थामे कोई, संग -  संग   मेरे   गाता | फड़-फड़ करती अम्बर में, चिड़ियों  जैसे   उड़ती  है, जिस ओर  हवा चलती है, पतंग उसी  रुख मुड़ती है | लाल  सुरमई  सतरंगी, कितने  रंग  बदलती है, तितली रंग बिरंगी देखो, जैसे   रंग   बदलती  है | दुख पतंग जब कट जाए, नयी  पतंग  हम  पाते हैं, सभी  कष्ट  कट जाते हैं, नयी   उमंगे    लाते   हैं | ©️ डॉ• राहुल शुक्ल साहिल