कुसुमविचित्रा छन्द
🌺कुसुमविचित्रा छंद 🌺 हरि हर माया जगत निधाना| सुखमय काया सुमन समाना|| प्रभु गुन छाए भजन सुनाएं| किसलय जैसा नवल बनाएं|| © डॉ० राहुल शुक्ल साहिल
जितना भी चाहता हूं, सब मिल ही जाता है, अब दुख किस बात का ॽ