Posts

पर्यावरण दोहे (सरस /आस)

[9/1, 21:06] सरस जी विषय~पर्यावरण विधा~दोहा 1-पर्यावरण बचाइए, कहता पूरा देश | एक लगाओ पेंड़ जो, बदलेगा परिवेश|| 2-हरे भरे रखना सदा ,हरियाली के केश| महके तन मन गंध से,पर्यावरण विशेष|| 3-पर्यावरण ...

पुष्प विषय पर जय जय रचनाकारों के सर्जन(29/08/2018)

न   हरिअ हि   हरि  आपहुँ  रहे, हरि  के  अटल प्रमान || 🌻 🌻🌻 ू🌻🌻🌻🌻🌻🌻 जय आज री लीक ~ आँधा   बनगुळा नपम    बापड़ा, केवल  कीचगड़  खाय | आँखें या जया    नेता  बण्या, माल   उड़ाता   जाय ; ले...

कोयल विषय पर रचनाएँ/ समीक्षा(30/08/2018)

[8/30, 12:09] नैना उपाध्याय:  विधा-- गीत विषय-- कोयल जागे प्रेम प्रथम नैनन में           तब तंरग मन होता है। कोयल के कलरव से सुन्दर            प्रेम काकली होता है।। आगे थोड़ी प्रीति बढे़ं ...