हिन्दी/ नागरी का उत्थान

09/09/2016

    💐नागरी का उत्थान💐

हिन्दी का उत्थान
देव नागरी भाषा से, 
राह बनेगी सब आसान,
मेल भाव की भाषा से,
लिखो आज भाषा इतिहास,
देव नागरी भाषा से,
जन जागे तब मन जागे,
मन से तेरा तन जागे, 
रूके नही अब भाषा प्रेम, 
आत्मसात हो जाती है,
जल्द प्रेम उपजाती है,
बिगड़े रिश्ते बनाती है,
रीति रिवाज सिखाती है,
भाषा में ही शक्ति है,
देवनागरी भक्ति है,
देव स्वरूप जन जन रूप, 
भाषा उत्थान कराती है,
लेखनी समाज बनाती है,
करें हिन्द को जागरूक,
करें हिन्दी प्रयोग,
जय हिन्द जय भारत, 
हिन्दूस्तान सेवारत,
भाषा का ज्ञान, 
नागरी में लिखें और पढ़ाये,
लेखन से नव आवाहन जगाये।

डाॅ• राहुल शुक्ल
     साहिल

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