विश्व हिन्दी दिवस पर विशेष 10 जनवरी 2026

विश्व हिन्दी दिवस 2026 : संदेश

हिन्दी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय अस्मिता और वैश्विक संवाद की सशक्त सेतु है।

विश्व हिन्दी दिवस 2026 के पावन अवसर पर, विश्व जनचेतना ट्रस्ट भारत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में मैं समस्त देशवासियों एवं हिन्दी-प्रेमियों को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।

हिन्दी वह भाषा है जो लोक से लोक तक, जन-जन की भावना से जुड़कर विचार, संवेदना और संस्कार का संचार करती है। आज जब विश्व एक वैश्विक ग्राम बन चुका है, ऐसे समय में हिन्दी ने अपनी सरलता, समृद्ध साहित्यिक परंपरा और भावनात्मक गहराई के कारण अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है।

विश्व जनचेतना ट्रस्ट भारत की प्रस्तावना के अनुरूप हमारा विश्वास है कि— भाषा, साहित्य और संस्कृति किसी भी समाज की चेतना का मूल आधार होते हैं। इसी चेतना को जाग्रत करना, साहित्यकारों, रचनाकारों, युवाओं और समाज के हर वर्ग को हिन्दी से जोड़ना तथा मानवीय मूल्यों, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक राष्ट्रबोध को सुदृढ़ करना हमारे संगठन का प्रमुख उद्देश्य है।
ट्रस्ट निरंतर हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार, साहित्यिक गतिविधियों, सांस्कृतिक आयोजनों और सामाजिक चेतना से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से हिन्दी को जन-आंदोलन का स्वरूप देने हेतु संकल्पित है। हम मानते हैं कि हिन्दी में सोच, हिन्दी में संवाद और हिन्दी में सृजन ही सशक्त भारत की आधारशिला है।

आइए,  विश्व हिन्दी दिवस पर हम सब यह संकल्प लें कि—
हिन्दी का सम्मान केवल दिवस विशेष तक सीमित न रहे, अपने व्यवहार, कार्यक्षेत्र और डिजिटल माध्यमों में हिन्दी का अधिकाधिक प्रयोग करें,
नई पीढ़ी को हिन्दी भाषा, साहित्य और संस्कृति से जोड़ें।

हिन्दी है तो पहचान है,
हिन्दी है तो स्वाभिमान है।
इन्हीं भावनाओं के साथ,
मैं एक बार पुनः सभी को विश्व हिन्दी दिवस की शुभकामनाएँ देता हूँ।

जय हिन्दी, जय भारत।

— डॉ. राहुल शुक्ल ‘साहिल’
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
विश्व जनचेतना ट्रस्ट भारत

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